सुप्रीम कोर्ट ने Parveen Kumar v. State of Haryana मामले में स्पष्ट किया कि Per Incuriam सिद्धांत केवल सीमित परिस्थितियों में लागू होगा। जानें stare decisis, नज़ीर, न्यायिक अनुशासन और बड़ी पीठ के फैसलों की बाध्यकारी प्रकृति पर कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी।
Read Full Articleइलाहाबाद हाईकोर्ट ने निकाह हलाला की आड़ में रेप, गैंगरेप और POCSO जैसे गंभीर अपराधों में दर्ज FIR रद्द करने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि धार्मिक परंपरा की आड़ में किए गए अपराधों पर केवल आपराधिक कानून लागू होगा।
क्या पत्नी का '1000 पति रख सकती हूं' कहना हत्या के आरोपी की सजा कम करने की वजह बन सकता है? जानिए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने क्यों उम्रकैद को 7 साल की सजा में बदला और कानून ने इस मामले को कैसे देखा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद के एक परिवार पर लगाए गए गैंगस्टर एक्ट को रद्द करते हुए यूपी पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि बिना ठोस आधार के सख्त कानूनों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता और पुलिस की पहली जिम्मेदारी संविधान के प्रति है।
35 साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में बिहार के 85 वर्षीय व्यक्ति को 3 साल की जेल; अदालत ने उम्र, शारीरिक अक्षमता और मुकदमे में हुई लंबी देरी को माना आधार।
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