नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने 65 से ज्यादा अर्जियों को खारिज कर दिया है, जिनमें उसके पुराने फैसले को बदलने की मांग की गई थी। उस फैसले में कोर्ट ने कहा था कि नौकरी कर रहे शिक्षकों को अपनी नौकरी जारी रखने के लिए टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करना जरूरी है।
हालांकि कोर्ट ने शिक्षकों को राहत देते हुए TET पास करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त 2027 से बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी है। कोर्ट ने साफ कहा कि इसके बाद समय बढ़ाने की कोई मांग नहीं मानी जाएगी।
न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने 29 मई 2026 को यह फैसला सुनाया। यह मामला कई राज्यों, शिक्षक संगठनों और शिक्षकों द्वारा दायर अर्जियों से जुड़ा था।
कोर्ट पहले भी कह चुका है कि TET सिर्फ शिक्षक बनने के लिए ही नहीं, बल्कि नौकरी में बने रहने के लिए भी जरूरी है। साथ ही, जो शिक्षक प्रमोशन चाहते हैं, उनके लिए भी TET पास करना अनिवार्य होगा।
पहले कोर्ट ने ऐसे शिक्षकों को, जिनकी नौकरी के 5 साल से ज्यादा बचे हैं, 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2027 तक का समय दिया था। अब यह समय बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दिया गया है। कोर्ट ने कहा कि तय समय तक TET पास नहीं करने वाले शिक्षक नौकरी जारी नहीं रख सकेंगे।
शिक्षकों और राज्यों की ओर से कहा गया था कि पुराने शिक्षकों पर यह नियम लागू नहीं होना चाहिए। उनका यह भी कहना था कि नौकरी के बीच में नया नियम लागू करना गलत है। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि पहले जारी किए गए एक आदेश में पुराने शिक्षकों को TET से छूट दी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने इन सभी बातों को नहीं माना। कोर्ट ने कहा कि शिक्षा का अधिकार कानून शुरू से ही यह चाहता था कि नौकरी कर रहे शिक्षक भी जरूरी योग्यता हासिल करें।
कोर्ट ने कहा कि शिक्षकों को TET पास करने के लिए काफी समय मिल चुका है। शिक्षा का अधिकार कानून 2010 में लागू हुआ था और तब से 15 साल से ज्यादा समय बीत चुका है।
कई राज्यों ने कहा कि अगर हजारों शिक्षक TET पास नहीं कर पाए तो स्कूलों में परेशानी होगी और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। इस पर कोर्ट ने कहा कि बच्चों की अच्छी पढ़ाई सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।
कोर्ट ने कहा, कुछ शिक्षकों की नौकरी बचाने के लिए बच्चों के भविष्य से समझौता नहीं किया जा सकता।
अदालत ने माना कि उसके पुराने फैसले में कोई गलती नहीं है, इसलिए उसे बदलने की जरूरत नहीं है।
हालांकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और शिक्षकों को एक और मौका मिल सके, इसलिए कोर्ट ने विशेष अधिकार का इस्तेमाल करते हुए TET पास करने की समय सीमा एक साल बढ़ा दी।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को यह भी निर्देश दिया कि वे साल में कम से कम दो बार TET परीक्षा कराएं, ताकि शिक्षकों को परीक्षा पास करने का पूरा मौका मिल सके।
अंत में कोर्ट ने साफ कहा कि 31 अगस्त 2028 के बाद समय बढ़ाने की कोई मांग स्वीकार नहीं की जाएगी।
इस बदलाव के साथ सभी अर्जियां खारिज कर दी गईं।